Category Archives: Aarti

शनि देव आरती – ॐ जय जय शनि महाराज

शनि देव आरती – ॐ जय जय शनि महाराज भगवान शनि महाराज की आरती ॐ जय जय शनि महाराज, स्वामी जय जय शनि महाराज।कृपा करो हम दीन रंक पर, दुःख हरियो प्रभु आज ॥ॐ॥ सूरज के तुम बालक होकर, जग में बड़े बलवान ॥स्वामी॥सब देवताओं में तुम्हारा, प्रथम मान है आज ॥ॐ॥1॥ विक्रमराज को हुआ घमण्ड फिर,

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विष्णु भगवान की आरती – ॐ जय जगदीश हरे…

विष्णु भगवान की आरती – ॐ जय जगदीश हरे… भगवान जगदीश्वरकी आरती  ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥ जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय…॥ मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय…॥ तुम

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महावीर स्वामी की आरती

महावीर स्वामी की आरती भगवान महावीर की आरती जय महावीर प्रभो, स्वामी जय महावीर प्रभो।कुंडलपुर अवतारी, त्रिशलानंदविभो॥ ॥ ॐ जय…..॥ सिद्धारथ घर जन्मे, वैभव था भारी, स्वामी वैभव था भारी।बाल ब्रह्मचारी व्रत पाल्यौ तपधारी ॥ ॐ जय…..॥ आतम ज्ञान विरागी, सम दृष्टि धारी।माया मोह विनाशक, ज्ञान ज्योति जारी ॥ ॐ जय…..॥ जग में पाठ अहिंसा, आपहि विस्तार्यो।हिंसा पाप मिटाकर, सुधर्म

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Satya Narayan Aarti | सत्यनारायण आरती

Satya Narayan Aarti श्री सत्यनारायणजी की आरती जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । सत्यनारायण स्वामी, जन-पातक-हरणा ॥ जय लक्ष्मी… ॥ रत्न जड़ित सिंहासन, अद्भुत छवि राजे । नारद करत नीराजन, घंटा वन बाजे ॥ जय लक्ष्मी… ॥ प्रकट भए कलि कारण, द्विज को दरस दियो । बूढ़ो ब्राह्मण बनकर, कंचन महल कियो ॥

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Kamakhya Aarti | कामाख्या आरती

Kamakhya Aarti Hindi Lyrics  कामाख्या आरती आरती कामाक्षा देवी की । जगत् उधारक सुर सेवी की ॥ आरती कामाक्षा देवी की । गावत वेद पुरान कहानी । योनिरुप तुम हो महारानी ॥ सुर ब्रह्मादिक आदि बखानी । लहे दरस सब सुख लेवी की ॥ आरती कामाक्षा देवी की । दक्ष सुता जगदम्ब भवानी । सदा

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Mangalvar Vrat Ki Aarti : मंगलवार व्रत की आरती

Mangalvar Vrat Ki Aarti : मंगलवार व्रत की आरती Mangalvar Vrat Ki Aarti : मंगलवार व्रत की आरती मंगल मूरति जय जय हनुमन्ता, मंगल मंगल देव अनन्ताहाथ वज्र और ध्वजा विराजे, कांधे मूंज जनेउ साजेशंकर सुवन केसरी नन्दन, तेज प्रताप महा जग वन्दन॥ लाल लंगोट लाल दोउ नयना, पर्वत सम फारत है सेनाकाल अकाल जुद्ध किलकारी,

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Shree Hanuman Aarti – श्री हनुमान जी की आरती

श्रीहनुमानलला की आरती आरती कीजै हनुमानलला की, दुष्टदलन रघुनाथ कला की। जाके बल से गिरिवर कांपे, रोग दोष जाके निकट न झांपै। अंजनिपुत्र महा बलदायी, संतन के प्रभु सदा सहाई। दे बीरा रघुनाथ पठाये, लंका जारि सिया सुधि लाये। लंका-सो कोट समुद्र-सी खाई, जात पवनसुत बार न लाई। लंका जारि असुर संहारे, सियारामजी के काज

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Shri Chintpurni Aarti : श्री चिंतपूर्णी माता की आरती

Aarti Maa Chintpurni Devi | Aarti Maa Chhinmastika Devi Shri Chintpurni Aarti : श्री चिंतपूर्णी माता की आरती चिंतपूर्णी चिंता दूर करनी, जग को तारो भोली माँ जन को तारो भोली माँ, काली दा पुत्र पवन दा घोड़ा || भोली माँ || सिन्हा पर भाई असवार, भोली माँ, चिंतपूर्णी चिंता दूर || भोली माँ ||

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